RAJAT ROHIT RAJPUT 07 Jun 2023 कविताएँ दुःखद आइना आईने का सामना शीशे से बात की कविता 13782 0 Hindi :: हिंदी
यूं आइने में जो रोज खुदको देखते हो क्या सच है कि तुम रोज खुदको देखते हो अपनों में रहते हो या सबको अपना सोचते हो सब अपने से हैं क्या बस इतना सोचते हो क्या एकांत में सबको और भीड़ में खुदको खोजते हो तुम खुद ही नहीं खुद के पास तो पास में किसको खोजते हो यूं आइने में जो रोज खुदको देखते हो क्या सच है कि तुम रोज खुदको देखते हो
Rajat Rohit Rajput is writer who use to write positive and motivativatinal Poems and quotes. He’s...