shivkumar barman 23 Apr 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता95 #कविता #कविता_हिंदी 15112 0 Hindi :: हिंदी
यौवन भी मानभावन होजाता है यौवन जब दहकने लगजाता है नेह परष के लिए मन चलायमान तब भी होता ही चला जाता है यौवनकाल जब भी दहकने लगता मीत से मिलने की कामनाएं करता जोबन की अगन तन को जलादेती प्रिय से मिलन कीआस कोजगाता वारिस की शीतल जब बूंदें गिरती यौवन की अगन को बढ़ाती जाती यौवन नदियों निर्मल धारा सामान उश्रंखल बहता येमनभावन यौवन यौवन काल तन मन दहन करती पिया मिलन की प्यास जगजाती जीवन निरंतर गतिमान होजाता ज्यों-ज्यों तन विकसित होजाता यौवन का ज्वार भी बढ़ता जाता यौवन जब अगन लगता तब तन की धड़कनें बढने लगती पिया से मिलन की अहसास बढ़ाताजाता विरह व्यथित मन भटका करता सावन भी सूना सूना सा लगता यौवन कॉल मन भावनाएजगाता पिया मिलन को ये मन तरसता यौवन मन भावनाएं आंदोलित होती ही जाती है उमेश चंद्र श्रीवास्तव नवांकुर