संदीप कुमार सिंह 11 Jul 2024 कविताएँ समाजिक मेरी कविता समाज हित में है. जिसे पढ़कर आप सभी लोग लाभान्वित होंगें. 44379 0 Hindi :: हिंदी
ज़िन्दगी का सफर सफ़र यह बहुत ही है रोमांचक, फूलों की बगिया सी । बहुत ही सुन्दर और है लाजवाब, चारों दिशाओं में संबंधियों का, अपनत्व और मधुर है परिवार। राहें सारी है आसान सी, जिंदगी जीने का सलीका, है आलीशान सा। मजा आ रहा और है मज़ा बढ़ता ही जा रहा। सत्य में तो पहलू कई हैं इनके, सभी पहलुओं का हमें, एहसास और ग्यान होना चाहिए। शानदार हो हर कदम की शुरुआत, तभी यह धरा स्वर्ग लगने है लगती। और नित्य ही है यहाँ उत्सव, अनमोल सौगात। विचारों के संयोजन से, मानवता के हैं फूल खिलते। प्यार ही प्यार भरा सिधांत और आदर्श जब हो यहाँ, मन साफ हो और तन साफ हो, सारा जहाँ लगता फिर जन्नत। अपने दिलों से जाने औरों के दिल का हाल भी। गुण और प्यार के प्रकाश को, फैलाता चलो, आशा और विश्वास से सौम्यता और संस्कार बनाए रखो। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....