Ranjana sharma 22 Aug 2023 शायरी अन्य चांद#Google# 20599 0 Hindi :: हिंदी
चांद जब अपनी चांदनी बिखेरती है
तो उसके रोशनी से पूरा जमीं
रोशन हो जाती है
जब इश्क हद से ज्यादा बढ़ जाती है
तो उसके हद की कोई सीमा नजर नहीं आती है
धन्यवाद