Vikas Yadav 'UTSAH' 05 Sep 2023 शायरी समाजिक सुविचार विकास यादव 'उत्साह' 57424 1 5 Hindi :: हिंदी
मेरी कलम से - सुविचार
* जग जाता किसके पीछे है?
जो जीता है
और तुम कहते हो जग में जीने नहीं देता।
- 'उत्साह'
* सबका प्यारा बनना है तो,खुद के नजरों में गिरना पड़ेगा।
- 'उत्साह'
* घर का गेट बता देता है, समाज का परिवेश कैसा है।
- 'उत्साह '
* कवि सबका मन तो नहीं पढ़ सकता, लेकिन अपने मन की सबको पढ़ाने का समर्थ रखता है।
- ' उत्साह '