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जग सार जान नींद से जागा

मोती लाल साहु 13 May 2024 शायरी अन्य खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- #knowledge- ज्ञान- #self knowledge- आत्मज्ञान- शायरी- #poetry- मोती- #Moti 27757 0 Hindi :: हिंदी

जग सार जान नींद से जागा,
जगत रचा जगतार को जाना,

ये सकल जीव जगत एक जान के...
ये सकल जगत ब्रह्म मय जाना।।।।
-मोती

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