मोती लाल साहु 14 Aug 2023 शायरी अन्य उपनयन, ज्ञानचक्षु, शिवनेत्र, दिव्यज्ञान, राजविद्या 29686 0 Hindi :: हिंदी
...खोला- उपनयन देखा, न्यारा-न्यारा अद्भुत नज़ारा... ...एक तारा- ज्योति अपारा, हिर्दय खिला देख नज़रा... ...सुर चले- बिना साज़ के बाजे, ताल मृदंग और नगाड़ा... ...घट- टपके अमृत सुधा, हुआ जीवन न्यारा-न्यारा...!!!! -मोती