Pravin Chaubey 28 May 2023 शायरी समाजिक #कविता #काव्य #पोएम #सायरी #मोटीवेशन #दर्द सायरी #रील #वायरल 12229 0 Hindi :: हिंदी
मुझे टूटे हुए को जोड़ना अच्छा लगता है
फूल डाली में हो या गुलदस्ते में हो उसे देखना अच्छा लगता है
ये रिस्तो की कड़वाहट ही तो है साहब जो इंसान को खोखला बना देती है
हमे तो टूटे हुए हर रिश्तो को समेटना अच्छा लगता है
फूल डाली में हो या गुलदस्ते में हो उसे देखना अच्छा लगता है
- प्रवीण चौबे
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