Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंदगी, गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है,

Pravin Chaubey 14 Feb 2025 शायरी देश-प्रेम #shayari#poitry#kavita# 25700 0 Hindi :: हिंदी

"मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंदगी,
गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है,
शहर की रफ्तार में बहुत कुछ पाया मगर,
जो अपनापन गाँव में था, वो कमी अभी भी खड़ी है।"
"खेतों में लहराती फसलें, वो बैलों की चाल,
गाँव का हर कोना है जैसे कोई खुली किताब,
शहर की भीड़ में खुद को तन्हा पाया है,
पर गाँव की चौपालों में अब भी बसता हिसाब।"
"जब भी गुजरता हूँ किसी मिट्टी के रास्ते से,
गाँव की गलीयाँ फिर से आवाज़ देने लगती हैं,
वो नंगे पाँव दौड़ना, वो आम के पेड़ की छाँव,
यादें दिल में धीरे-धीरे अंगड़ाई लेने लगती हैं।"

               -   प्रवीण चौबे

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

मेरे नजर के सामने तुम्हारे जैसे बहुत है यहीं एक तू ही हो , मोहब्बत करने के लिए यह जरूरी तो नहीं read more >>
मीठी-मीठी यादों को दिल मैं बसा लेना जब आऐ हमारी याद रोना मत हँस कर हमें अपने सपनों मैं बुला लेना read more >>
दोस्ती करो तो धोखा मत देना दोस्तों को आंसुओ का तोहफ़ा मत देना दिल से रोए कोई तुम्हे याद करके ऐसा किसी को मौका मत देना।। दोस्ती तो सिर� read more >>
Join Us: