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परवाह-जहां परवाह ना तुम्हारी वहां झूठी आस रखना छोड़ दो

Ranjana sharma 21 Aug 2023 शायरी अन्य परवाह#Google# 56590 0 Hindi :: हिंदी

जहां परवाह ना तुम्हारी
वहां झूठी आस रखना छोड़ दो
जहां इज्जत ना तुम्हारी
वहां बेमतलब जाना छोड़ दो
                धन्यवाद

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