Mukesh Namdev 05 Nov 2024 शायरी प्यार-महोब्बत परिंदा,मोहलत,वक्त,घर,आँगन,खुशियाँ 57541 0 Hindi :: हिंदी
"परिंदा"
"चंद दिनों की मोहलत लेकर आये थे,घर के आँगन में खुशियाँ बटौरने मौहलतें खत्म हुई,अब परिंदों का वापिसी का वक्त है"
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