Ranjana sharma 06 Sep 2023 शायरी दुःखद सुनता ही नहीं#Google# 40946 0 Hindi :: हिंदी
हमने सोच लिया था
अब ना बढ़ाएगें तुझसे नजदीकियां
पर ए दिल है ना सुनता ही
नहीं अब कुछ मेरी
दर्द और चोट खाने की
आदत सी हो गई
सुनता ही नहीं मेरी कोई हुजूरी
धन्यवाद