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ठहरे हम तो मुसाफिर-डगर चाहे जो हो

मोती लाल साहु 11 Jul 2023 शायरी समाजिक #ठहरे मुसाफ़िर #डगर चाहे जो हो #ठहरेंगे मंज़िल #चाहे जो हो। 20562 0 Hindi :: हिंदी

ठहरे हम तो- 
मुसाफ़िर डगर,,चाहे जो हो..!!

ठहरेंगे मंज़िल-
ठान के चले हैं,,चाहे जो हो..!!
-मोती

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