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उदास क्यों- तुझे मानुष देह रे तू भाग्यवान

मोती लाल साहु 08 Mar 2024 शायरी अन्य खोज-#explore- अंदर- #within- परम प्रकाश- #devine light- आत्मज्ञान- #self knowledge- प्रेरणा- #motivation- शायरी- #poetry- मोती- #Moti 21792 0 Hindi :: हिंदी

फिरता उदास क्यों रे तू भाग्यवान,
तुझे मानुष देह रे तू भाग्यवान,

रे तू अनमोल है सृष्टि का सिरमौर है...
अंदर-ए-परम प्रकाश तू भाग्यवान!!!!
-मोती

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