(Sortha Chhand)
खिलते जब हैं फूल,दिव्य खुशबू तभी उड़े।
उड़ते जब हैं धूल,एक अड़चन नव्य दिखे।।
होती है बरसात,कलियाँ सारी तब खिले।
आती जब है रात,� read more >>
नीली छतरी वाले को लूटने का मन में ना रखो विचार, यह ना समझो बस लेने का है, उससे तुम्हें अधिकार, उसको है अपने बच्चों से प्यार लेकिन कपूत बच् read more >>