पल पल परिवर्तित होती दुनिया
कभी बचपन तो ,कभी जवानी
कभी देख बुढ़ापा क्यों हो हैरानी।
न कर तू मोह इस जग का......!
कभी विवाह का मंण्डप कभी
कभ� read more >>
जिंदगी सबको बहुत दुख देती है, जिंदगी किसी की हमदर्द नहीं होती है, जिंदगी का गम तेरे से नहीं मुझसे भी सहन नहीं होता है, तू अकेला जिंदगी मे� read more >>
हर दिन हम एक नया,
सपना देखते हैं।
पहले को, पूरा किया नहीं,
फिर भी, दूसरा देखते हैं।
यही इंसानी फितरत है,
जो है उससे, संतुष्ट नहीं,
जो नही, � read more >>
काश,फूलों सी होती जिंदगी,
कुछ दिन तो, खिलखिलाते।
और बाद में हम, चाहे,
एक दिन, मुरझा जाते।
कुछ पल सुकून के, कम से कम,
हमारे हिस्से, भी आते।। read more >>
कभी कभी, ये ख्याल आ जाता है,
क्या सारा ज़माना, दुश्मन बन जाता है।
अपने काम से काम, रहता नहीं किसी को,
दूसरों के जीवन में, झांकना हर किसी को read more >>
हर दिन जैसे मेरी, शाम गुजरती है,
मेरे सब्र का वो, इम्तिहान लेती है।
हर दिन मेहनत में, निकल जाता है,
परिणाम नहीं पर, कुछ आता है।
हार हार के � read more >>