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#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" आशिक मेरे हैं सभी,बनकर अदभुत सोम। हँसी और मुस्कान से,खिल जाता है रोम।। खिल जाता है रोम,� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" हँसी और मुस्कान से,घायल करती नाज। दीवाना मैं जो बना,और लुटा दूं राज।। हँसी और मुस्कान से,ख� read more >>
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 *प्रेरक कहानी* 👌*आज ही क्यों नहीं ?*👌 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 एक ब� read more >>
Once upon a time, in a small town named Harmonyville, there lived a young girl named Emma. Emma was known for her kindness and empathy towards others. Her story was a testament to the power of spreading positivity in a community. One sunny day, Emma noticed her neighbor, Mr. Johnson, struggling to carry his groceries into his house. Without a se read more >>
Once upon a time in a small village, there lived a young boy named Alex. Alex had a unique way of making friends and building connections with those around him. Let's embark on a journey into his world to learn the magic of friendship. Chapter 1: "The First Encounter" Alex was at the park one sunny day when he noticed a girl named Lily sitting read more >>
घटनाए अचानक नहीं होती है, घटनाएं कर्मों से होती है, घटना की जानकारी, उसको होती है जिसके साथ घटना घटित होती है, क्योंकि गलती करना मनुष्य � read more >>
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *प्रेरक कहानी* *🌹(((( मन पर नियंत्रण कैसे?? ))))🌹* 👌प्रस्तुतकर्ता-सपनो का सौदागर...करण सिंह 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 . � read more >>
OS /10 / 2023 को विश्व शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई हमारे शिक्षक हैं सबसे महान उनके यहाँ है ज्ञानों का भंडार उनके मुख पे सदा रहते माँ शारदे क� read more >>
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार। लिप्त सभी हैं पाप में,ब� read more >>
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" धर्म घटे हैं आज,हुआ क्यों कर अब ऐसा। नहीं रहा संतोष,हुआ सबकुछ अब पैसा।। बिकता है प्यार,सर्व read more >>
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार।। भूल गए सब प्यार,डाह read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,उनको यूं तकरार। पर वो तो थे अति भले,नहीं मिला क्यों प्यार।। ऐसा कैसे हो गया read more >>
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