जीवन की-
धारा में बहता गया,,
कुछ इस-
तरह से बहता चला गया,
उस जहां में छलकते जाम
अमृत रस से भरे पड़े थे मैं
परमानंद के आगोश में था..!!
-मोती read more >>
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏
आज का शीर्षक है...." क्रोध से बचिए " !
चलिए दोस्तों ! आपको एक कहानी बताती हूं और कहानी के माध्यम से ही आपको बताती हूं कि � read more >>