बुरा ये वक़्त मेरा कुछ सीखा रहा है मुझको, मेरे अपने पराये की पहचान करा रहा है मुझको, ओर सायद कुछ जादा ही है मुझमे, ये जमाना मेरी कमीया गीन read more >>
कविता आज बनी सबकी आदत है
गम सहने की,
चुप रहने की,
आज बनी सबकी आदत है!
अश्रु बहने की,
बस डरने की,
भय से रहने की आदत है!
कब सोचोगे
कुछ करने � read more >>
बहर:_2122,2122,2122,212
क़ाफिया:_पीर
रदीफ:_को
मिसरा:_क्या सुधा भी हर सकेगी आज मेरी पीर को
मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को।
टाल लूंगा श्रम, कड़ा read more >>
बहर:_2122,2122,2122,212
क़ाफिया:_पीर
रदीफ:_को
मिसरा:_क्या सुधा भी हर सकेगी आज मेरी पीर को
मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को।
टाल लूंगा श्रम, कड़ा read more >>