किसी ने किसी के सपनों, का इन्तकाल ही कर दिया है,
बेरहम मासूम जज़्बे, को कुचल कर राख कर दिया है,
क्या मजाल कि जनाब एक, भी अल्फाज़ से आगे आते_ read more >>
सबके दाता राम हैं, हृदय बसा लें राम।
सब प्रभु ही सम्हाल दें, करें सरल हर काम।
गम को हम तूं मार दें,हरदम रखें जुगार_
जन्म मरण से मुक्त कर,द� read more >>
कण- कण में हर जगह है,
जड़- चेतन में भी है।
यहां है वहां भी है,
दाएं है बाएं भी है।
ऊपर है नीचे भी है,
मेरे अंदर है,सबके अंदर है।
वह सत्य हरे� read more >>