Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
आजकल न जाने क्यों शहर में मेरे दोस्तों से ज्यादा मेरे दुश्मनों की संख्या बढ़ गई हैl क्योंकि दोस्त मुझे याद नहीं करते .पर दुश्मन मेरी च� read more >>
Dear ससुराल तुम मायके सा फिल करा पाओगे क्या, बहु बनने का शौक नही मुझे अपनी बेटी बना पाओगे क्या, Dear सासु मां में आपसे वादा करती हूं में आपको � read more >>
न उरूज की बात है न जवाल की बात है जिस हाल में है तू उस हाल की बात है। न ज़िन्दगी है तेरी न मौत का पता है रहमों करम है उसका जो होता तुझे आता � read more >>
कहानी – पुन्नों रानी। लेखक - जितेन्द्र शर्मा तिथी - 15/01/2023 हमारे समाज में विवाह - शादियों का अलग ही अर्थशास्त्र है। दहेज से लेकर दावत त read more >>
आज कल बड़ा चुपचाप सा रहता हूं। मिलेगी सफलता बस इसी आस में बैठा हूँ। और ये प्यार व्यार हमसे न होगा, में तो बस अपनी धुन में रहता हूं। read more >>
आज फिर मेरे कंधो पर एक बड़ी जिम्मेदारी है आज फिर मां और ममता को, शब्दों में बाटने की बारी है। सोच रही हूं जिसने अक्षर 2 पढ़ना सिखाया मु read more >>
पुरुष कठोर क्यों पुरुष इतना कठोर भी नही होता , वो सिर्फ बाहर से दिखता है , दिल का बहुत कोमल वो होता है , कठोर होना उसकी मजबूरी है , वो परि� read more >>
काँटों से भरी इस वादी में फूलों का बता दे पता मुझे ए हिन्द की धरती कहाँ है तू। इंसान कहाँ है बता मुझे। कोई हिन्दू कोई मुस्लि read more >>
कविता . -हंसी खो गई है। रचना -जितेन्द्र शर्मा। तिथी -14/01/2023 सब कुछ तो है, बस हंसी खो गई है। पेड़ से उतर हमने अट्टालिका भवन बनाये हैं। सोन read more >>
खिदमत में अर्ज है- ऐ तो खुदा के प्यारे-दरबान थे, मेरे खिदमत में कांटे चुभाते थे! पूरे राह ताकि- रफ्ता-रफ्ता-रास्ता देखता चलूं , अब तेर� read more >>
हंस बोले हिर्दय के अंदर! जिंदगी में सफर एक ही डगर, मंजिल है प्रत्येक के अंदर। मन का नहीं-कहीं कोई नगर, हंस बोले हिर्दय के अंदर।। -मोती read more >>
विश्व की सबसे- बड़ी शक्ति का तू अंश। अपने महानतम- पर हो हृदय से गर्व। तुम्हारा यही- प्रीति और श्रद्धा सुमन। हे मानव- हृदय से कर ईश को अ� read more >>
Join Us: