नहीं मिले चाहे मोती लुटाओ, मिले तो टके की सेर।
किसे, कहां, कैसे मिलेगी, है ये मन का फेर।
एक दौलत की सेज पर, गोली खाकर सोता।
दूजा कांटों क� read more >>
बस, वह तो ऐसा ही है।
कहते बुझारत लोगों को, बहुत सुना है।
लोगों ने उसमें क्या देखा, क्या चुना है? लोगों ने उसे खुद भूना, या वह खुद भुना है?
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*🌳🦚 कहानी 🦚🌳
*💐💐 दूसरों से पहले खुद में बदलाव 💐💐* प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....... करण सिंह*
*दोस्तो दुनिया को बदलने से पहले खुद में � read more >>