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हीरा दे : एक वज्रहृदया क्षत्राणी
हीरा दे : एक वज्रहृदया क्षत्राणी संवत 1368, वैशाख का निदाघ पत्थर पिघला रहा था। तभी द्वार पर दस्तक सुनी और हीरा-दे ने दरवाजा खोला। स्वेद म
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आदिवासी हीरो टाइगर बॉय चेंदरू मंडावी
छत्तीसगढ़ का आ हीरोदिवासी टाइगर बॉय चेंदरू मंडावी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन...... नारायणपुर गड़बेंगाल के निवासी चंदरु की कहा�
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भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हमारे देश के प्रख्यात वैज्ञानिक हैं जो भारत गणराज्य के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उनका पूरा नाम है अवुल
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कबीरदास की जीवनी
कबीरदास की जीवनी कबीरदास जी ने हिंदी साहित्य की 15 वीं सदी को अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रेष्ठ बना दिया था। वह ना केवल एक महान् कवि थे, ब
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खुशीयों की दिवाली
आज जब चारों ओर भाग- दौड़ मची हुई है। कैरियर को लेकर कितनी अथक मेहनत करनी पड़ती है। बड़ी मुश्किल से जब हम जब किसी पद प्रतिष्ठा में स्थापित ह
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कर्म फूटे
घोड़े पर बिठाते, गधे पर बैठते लपककर। आगे बढ़ाते, अड़ते टट्टू- से पैर पटककर । घी पिलाते, कहते आंख फोड़ते,भागते बिदककर। दूध पिलाते, मद का �
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दीपावली का त्यौहार
भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। इसे दीपोत्सव भी कहत�
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भेदों की मूर्खता
भेदों की मूर्खता ___________________ जब बिजली पानी एक है, धरती भी सबकी एक है, न चांद सीतारें अलग यहाँ, सूरज भी कहाँ अनेक है, न अग्नि करती भेद यहाँ, �
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लघुकथा- बख्सीस
लघुकथा- बख्सीस रामप्रसाद रेल्वे कुली था। वह कुलीगीरी से जितना कमाता था, रोजाना खाने-पीने और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में खर्च कर द
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दीप दीप दीपों की माला
जगमग-जगमग दीप जले तब घर-घर बंदनवार सजे हां जगत तिमीर हरे मन रोशन करती भाव-भाव नगर सजे हां स्नेह प्यार मर्यादा लेकर हां धरती को य�
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गुनाह
गुनाह दयानंद हैरान-परेशान है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद उसे अपने काबिल बेटों के लिए बहुएं क्यों नहीं मिल रही
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दीपावली के दीप
दीपावली के दीप ( दिपावली पर कविता) जुगनू सा जले दीप तो समझो दिवाली है मन में जगे जब प्रीति तो समझो दिवाली है दुश्मन हो या हो गैर बैर ना �
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