अपनी-अपनी नाप लो, अपनी-अपनी लो तोल।
खेल है औक़ात का, औक़ात का है मोल।
आज जो जहां खड़ा, पड़ा, मिली जीत या मात है।
फूलों का हार पड़ा गले, चाह� read more >>
बेटी से ज़ब बहु बनी मै
नये रिस्तो से बंध गई मै,
माँ बाप मिले पर मेरी जिद पूरी कर ना सके
छोटे भाई बहन मिले जो मेरी डाट सह ना सके
जिनके हाथो � read more >>
इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल -कपट की दुकान नहीं है।
उधार ली हुई, ज़बान भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग-प� read more >>
# हे राम ... ...
शाम से हुई सुबह
सुबह से हो गई शाम ...!
हर जुबां पर जनता की
बस बात यही है मान ...!
राज्य सरकार बिजली के ,
केंद्र बढ़ाएं पेट्रोल के read more >>
# स्त्रियां ...
एक स्त्री ,
दूसरी स्त्री से ,
करती है बातें घंटों
घर में बने सब्जियों की
कुछ इस तरह ,
आज क्या बनाई है
या फिर ,
आज क्या बनाएं read more >>