मत उदास करो अंतर्मन को , किसी दूजे की न तुम छाया हो
खुद जलकर निज तप से चमके, वो आसमान का तारा हो
क्यों राह पूछना गैरों से निज पथ पर चलती जल� read more >>
"माँ के बराबर कोई नहीं "
माँ शब्द सुनते ही, जो भाव मन में आते है,उनको को कह पाना, समझा पाना, वयक्त कर पाना कठिन ही नहीं, असंभव सा read more >>
टी स्टाल पर हाथ-पर-हाथ धरे बैठे हुए एक शख्स से मैंने पूछा,‘‘तुम अक्सर इस चाय की दुकान पर बैठे मिलते हो। आसपास कहीं काम करते हो क्या?&rsqu read more >>