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माँ बाप हम से क्या चाहते है ? कुछ दिन से पिता जी बिमार थे, उन की उमर 70 को पार कर चुकी थी, उमर अधिक एंवम स्वस्थ ठीक न होने � read more >>
कविता-मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटी मैं छिप कर क्यों जीवन जीती किसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं? read more >>
अचेतन मन की बातों का संग्रह ही सपने होते हैं। चेतन मन की भावनाओं का परिवर्तन सपने होते हैं ।। सपने तो सपने होते हैं सपने भी सच्चे ह read more >>
* नई जनरेशन * रंग ढंग नई जनरेशन के हमको समझ न आए । सदी बीस को छोड़ के ये इक्कीसवीं सदी में आए ।। देर रात तक जगने की आदत इनके मन भाए । नौ � read more >>
ग़ज़ल नजर से नजर मिला नहीं सकते, जब खुद की नजरों से गिर गए। झूठी शान शौकत की जादूगरी से, बजूद अपना ही मिटाते चले गए। डगमगाए read more >>
कोरोना के दीर्घ गामी परिणाम कोरोना के दीर्घ गामी परिणाम आने की शुरुवात होने लगी है। पहली लड़ाई आर्थिक क्षेत्र की है। इस क्षेत्र में � read more >>
अनुत्तरित प्रश्न गली के अन्तिम छोर पर एक दीवाल के सहारे बैठी पागल सी महिला की गोद में नवजात शिशु को देखकर मन में कुछ � read more >>
कुछ नए जख्मों की जिक्र कर कुछ पुराने जख्मों की बात कर कुछ अपने दिल के जज्बात बयां कर कुछ पुरानी बातें कर कुछ नई कहानियां सुना कुछ � read more >>
मैं गांवपहुंचता हूं तो देखता हूं कि गांव में सब कुछ पहले जैसा ही है मेरा बचपन मेरे गांव में ही बीता मेरे माता पिता किसान थे हम दो भाई थे � read more >>
ऐ मानव तुमसे विनती है मेरा मत संहार करो । इस मोक्षदायिनी मां पर बस ! इतना उपकार करो । मेरी कलकल -छलछल धारा तुमको संगीत सुनाती है । पी read more >>
कविता-मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटी मैं छिप कर क्यों जीवन जीती किसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं? read more >>
कभी वक्त था तो वक्त ना था ,डरते थे कहने से । मुस्किल में होते वो , तब डरते थे उनकी मुस्किल सहने से ।। वो रोज अदब से सुबह सर नवाते थे , क्या read more >>
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