सपनों में खोई सपना की नींद टूटती तो हड़बड़ा कर बिस्तर से उठ उसकी नज़र घड़ी पर जाती अरे ! सुबह की 8:00 बज गई।आज तो ऑफिस का पहला दिन है और पहला read more >>
उम्र की सीमा नहीं ,है ,किस पार जाना,।
कविता कहती है,सफर वहाँ तय हो,
सन्नाटा रहित पनघट जिधर हो,।
तब कहीं छलके भी तो ,यह आंखों का नीर ,
व्यर्थ read more >>