कुछ रास्ते, रिश्तों को कुचल गए।
कुछ मैं, कुछ मेरे दोस्त बदल गए।
गलियों वाले, सड़कों पर चक्कर काट रहे।
सूरे- पूरे बन गए, जो कभी पौने आठ रह� read more >>
मिट्टी से बनकर ही जन्मा,
मिट्टी का इंसान है |
किस बात की ईर्ष्या. है|
और किस बात की माया है|
किस बात का लोभ है पगले,
किस बात की काया है |
जो � read more >>
होगा कोई, होगा जैसा।
मैं तो वही हूं, वैसा का वैसा।
बनाता होगा कोई, बुर्ज -ए-खलीफ़ा।
मैं तो प्रेम तृण से नीड़ बना, त्याग गारे से लीपा।
जीत� read more >>
अंतरराष्ट्रीय मातृदिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।
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हर मौसम में सबको,चुप्पी तेरी खलती है।
घर के हर कोने में,� read more >>
आपसे दूर, चाहे शरीक हूं।
मैं जैसा भी हूं, ठीक हूं।
छोटा- बड़ा, अच्छा- बुरा जैसा भी हूं।
पर मैं, मैं हूं, चाहे कैसा भी हूं।
मेरे जैसा, दूसरा read more >>
सुना है आज मातृ दिवस है लेकिन मेरे लिए तो हर दिन माँ का ही दिन होता है कौन सा ऐसा दिन होता है जो मेरी माँ के बिना हो क्योंकि जिस माँ ने मु� read more >>