सजगता :
सजगता अथार्थ आप जहाँ हो वहाँ की हर वस्तु और स्थिती के प्रति सजग रहना | यह एक कला हे, जिससे जीवन में हर कार्य को कर करने और हर संकट � read more >>
पढ़ी- लिखी नारी
हम है पढ़ी - लिखी नारी,
हम पर है कुछ जिम्मेदारी
अन्याय को सहने की
अब नहीं है अपनी बारी,
इंसाफ के लिए लड़ने
अब की है पूरी � read more >>
मंजिले अभी मिली नही,अभी कई सफर बाकी है
अपने सपने सजोने में,अभी कई डगर बाकी है.....
चलना ही जिंदगी है तेरी,ज़रा हाथ थामे चलना
मिलजाय हुस्न त� read more >>