न मानी की, न ज्ञानी की, न ही भगतों की।
ये दुनिया है, नकटों की।
नकटों के नकटे दोस्त, नकटों की जमात बड़ी।
सारे नकटे एक से, नकटे से नकटे की नज़र � read more >>
यह मेरी रचना है, मुझे आप सबके साथ, शेयर करने में खुशी हो रही है, सबसे पहले मैं अपने पाठकों को, लाख-लाख धन्यवाद देता हूं,( हमारी महान संस्कृ� read more >>
बाबू जी कहते थे
"मन प्रसन्न तन तेज बिराजा"
मन प्रसन्न हो शरीर मे कोई कमी नही होगी
आप जिस मंजिल की तरफ बढ़ेंगे मंजिल आपकी होगी|
आपकी प� read more >>