[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
आखिर कब तक
आखिर कब तक ? गुलामी की जंजीरों में जकड़ी औरत आजादी का देखा न सपना उसके जुल्मों का खात्मा होगा आखिर कब तक ? जन्म लिया तो उसकी कर द
read more >>
ये टीस हमे चुभती है ये बात हमे काटती है
लफ्ज़ चुभते हैं,जुबान काटती है क्या कहें,किससे कहें,और क्यों कहें ये हुकूमत भी अमीरों के तलवे चाटती है जनजाति का एक तगमा देकर बड़ी चा�
read more >>
ग़ुम
अविश्वास ही अविश्वास हैं इस दोहरी समाज में इंसान ही इंसान को हर जगह गिरा रहा ग़ुम गई इन्सानियत इंसान के करतूत से संदेह में प्रारब्�
read more >>
//...सुप्रभात...//
//...सुप्रभात...// _____ ____ ____ जीवन है एक वीणा सुख-दुख इसके तार...! इन दो पहलू के , भंवर जाल के बंधन में, उलझा है , सारा संसार...! इसलिए, अपनी और
read more >>
स्वीकार
स्वीकार कर लिया मैंने जिंदगी की कठिनाइयों को अपनी ख्वाहिशों को बताना छोड़ दिया जो मेरे अपने हैं बस वही मेरे अपने हैं अब मैं गैरों
read more >>
गुड़िया
एक छोटी सी गुड़िया थी मैं न जाने कब बड़ी हो गई हवा ऐसी चली है वक्त की कि आप की छांव से मैं दूर हो गई गुड़िया से खेलते खेलते न जाने कब म�
read more >>
वफा
बहुत दूर तक जिंदगी में साथ निभाने का न दिखावा कीजिए जो आपके सुख दुख में शामिल है हमसफर बन के जो आपकी परवाह करते हैं पहले उन सब से तो
read more >>
रिश्ते
मुझे भी फिक्र रहती है रिश्तो की परंतु हम बोलते नहीं हैं क्योंकि मुझे रिश्तो के संग जीना है हम इन रिश्तो को तौलते नहीं है
read more >>
जिंदगी जीने के अंदाज
जिंदगी तो सभी जी रहे हैं कुछ को अपने मन के मुताबिक जीने का मौका मिला है। कुछ को दूसरों के मुताबिक । जीने का मजबूरी है। परंतु जी सभी र�
read more >>
जिंदगी
परेशान हो जाते हैं लोग मेरी खुशी देखकर क्योंकि मैंने किसी से अपनी परेशानी नहीं कहीं जो जैसे मिला मैंने उसे उसी तरह स्वीकार किया �
read more >>
एकता एक महाशक्ति
आओ अनेकता में एकता का, शुभ आह्वान करें। सभी समस्याओं का निदान, जादुई अंदाज में, यूं चुटकियों में करें। आओ अनेकता में एकता का, शुभ आह्व
read more >>
बहुत खलता है जब छोड़ना पड़ता है
बहुत खलता है जब छोडना पड़ता है अपना घर अपना आंगन भले ही हो वो शहर मे,या गांव मे धूप मे या घने जंगल की छांव मे पक्का पलस्तर चढ़ा हुआ या फ�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5233
to
5244
of
5649
results
‹
1
2
...
434
435
436
437
438
439
440
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder