[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
आदमी बेकार होता जा रहा है - हरवंश हृदय
आदमी बेकार होता जा रहा है बहुत लाचार होता जा रहा है हाल मत पूछिए हृदय का फकत बेजार होता जा रहा है इश्क इबादत हुआ करता था अब कारोबार ह�
read more >>
मौसमी मेंढक
मौसमी मेंढक, करते टर्र -टर्र। तनापाई पानी में, सर्र सर्र। पानी, ज़मीं दोनों कांपे, थर -थर। खुद, दूसरे बेचैन, सुन चर- चर। गया मौसम, वह�
read more >>
वफा से बेवफा
दोनों में प्यार की आग इतनी तेजी से जल रही थी की यह बात उन दोनों के चेहरे से झलक रही थी . मामला कुछ यूँ है रूपा और राजू जब कालेज �
read more >>
खुद को तू पहचान
खुद को तू पहचान कर,उसके बाद सँभाल। और नव्य उत्साह से,जीवन करो जमाल।। होगा सब सम्भव यहाँ, करने वाले आप। आज चाँद पर हम जमे,खुद को �
read more >>
दीवाने हुए हम
उनके कुछ प्रियजनों के संग रहकर बर्बाद हुए हम उनके मध्य रहकर निपुण हुए उनकी कलाओं में दीवाने हुए हम तेरे , तेरे यहाँ आकर
read more >>
हुतात्मा अर्द्धांगिनी
मन तो मन है, कैसे समझाऊं? आंसू तो आंसू हैं, कैसे मनाऊं? हिय उमड़े हुलाल, कैसे ग़म खाऊं? आंखें सूखी, मन आंसू कैसे छिपाऊं? दिशा, समां सब �
read more >>
टूटा हुआ हू बड़ी सिद्धत से
टूटा हुआ हू बड़ी सिद्धत से रूठा हुआ हू अपनी मोहाब्त से तजुर्बा है इस लिए तो कह रहा हु साहेब मरना काबुल है, इस मोहब्बत से - प्�
read more >>
कोई क्या करे
कोई परेशान है , कोई हैरान है। कोई क्या करे भूख की मार से मरे बेरोजगार क्या क�
read more >>
फोन
एक अनोखी चीज है आई जिसने सबको दुनिया भुलाई सिमट गया सब उसके अन्दर जैसे हैं वो गहरा समन्दर रिश्ते नातों की कद्र नहीं उसकी कही हर बात स�
read more >>
प्यार के रंग
आओ प्यार के रंग में रंग जायें आज, जिन्दगी तब बन जाएगी अति खूब साज। रोना- धोना छोड़ दे जन - जन, आ खुशियों से आज रंग ले तन। क्यों डर
read more >>
Jindagi ki kahani
जिंदगी के दौड में कही कहनी बाकी हैं , अभी तो शिहाई पन्ने में डूबे हैं ऊंचाई की शिकार मुकम्मल होनी बाकी है...!!
read more >>
मानवता के रंग
प्रिय पाठकों, इस होली पर ढूंढ रही हू कुछ खोए हुए मानवता के रंग जो वक्त के साथ साथ इस आधुनिकता में कही खो गए हैं। होली के चमकदार, रंग बिरंग
read more >>
« Previous
Next »
Showing
877
to
888
of
5648
results
‹
1
2
...
71
72
73
74
75
76
77
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder