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शालिनी ( प्यारी सी बालिका )  बात हाल ही के कुछ वर्ष पहले की है । जब हमारे विद्यालय में शालिनी का प्रवेश कक्षा एक में हुआ था । एक बहुत सुंद read more >>
मैं, तू मजबूर, मजबूर सारी दुनिया। लिया -दिया हो जाता, दिया- लिया। दिग्गज के दिन दरकते, लुढ़कता हाशिया। समझ से परे, ईश्वर की ग़ज़ब गुनिय read more >>
मैं कौन हूं ? था मैं ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना, रहा मैं, सब में विशेष, बन सबका मुखिया इन्हीं गुणों के बल पर, करता गया दर्प मन में मैं, कह� read more >>
हर तकलीफ को हंस के सहले जो, तेरी खुशियों में खुश हो जाए. सॉरी दुनिया की खुशियां दे, शौक तेरे जो पूरे कर जाए. पैर तेरे जब डगमगाए, तुझे सही � read more >>
पागल है जिंदगी और मस्ताना ख्वाहिशात हम तो मुसाफिर है अपने मंजिल के डगर की क्या बात रुकना नहीं है बस चलना है कंकड़ हो या फूल सबसे म� read more >>
आशा आँसू पोंछती,देती है उत्साह। निर्बल को करती सबल, करे सरल नित राह।। आशा आँसू पोंछती,भरती साहस खास। नव्य भाव को यह जगा, सदा बुझाती प्� read more >>
उद्धेग, उद्दंड, उच्छृंखल, उचित -अनुचित। कब ऋजु, कब गरब गहेला, कब तीव्र उत्तेजित। कब दृढ़निश्चयी, कब दिग् भ्रमित। कब रिस, कब उद्धर्ष, कब read more >>
फ़िसलती ही चली गई, एक पल, रुकी भी नहीं; अब जा के महसूस हुआ, रेत के जैसी है ज़िंदगी। read more >>
हो कितना ही अंध तमस्, चाहिए एक तीली। दिल चीरने की क्षमता, रखती यह छबीली। होता सोता को, भाती नहीं जोत पीली। अंधेरे को निगल, करेगी उजास म read more >>
जब तक घट में सांस है, तब तक मन में आस। मंजिल को पाना यहाँ, बस मेरी है प्यास ।। चलते चलना काम है, मानूं कभी न हार । नित ही दृढ़ विश्� read more >>
कहीं हो रहीं प्रशंसा कही हो रही निन्दा कही गा रहे गुठा कही गा रहे अवगुण जहाँ स्वार्थ है जितना गा रहे है वो उतना गुण � read more >>
Kahu kya,sunu kya, sochti hu main Jeevan ka bo pal, sochti hu main Ma ki ladli,papa ki dulari Kahani ek ladki ki duniya se nyari Angan me gunjati koyal si kilkari, Na janti duniya ke rang sare, PTA na chla kab bdi ho gyi, Jmane najar kb use lg gyi, Chhod kar ma bap ka Ghar,peehar se chli gyi, Mita ke pahchan khud ki,pati ke nam se jani read more >>
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