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दुःखद
प्यार सच्चा ना करना-भूलाना मुश्किल होता हैं
प्यार सच्चा ना करना, भूलाना मुश्किल होता हैं, दर्द मिलता है बहुत, सहना मुश्किल पड़ता है।
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वो भी चले गए जिंदगी से-जिसके आस में थे
वो भी चले गए जिंदगी से, अब जिंदगी खालीपन हो गई, जिसके आस में थे जब से, हर आस टूट गई।
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दर्द मिला इतना-बता नहीं सकते
दर्द मिला इतना, बता नहीं सकते, जुवां खामोश है, शब्दों में वया कर नहीं सकते।
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मेरी तो किस्मत खराब है
मेरी तो किस्मत खराब है, जिंदगी के पन्ने उलट पलट हैं, कुछ पन्ने फटे हुए हैं।
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किसे कहूं अपना-सब लगते हैं पराये
किसे कहूं अपना, कोई अपना नहीं, सब लगते हैं पराये, जिससे बांटे दर्द अपना ऐसा कोई नहीं।
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जिंदगी किस चौराहे पर खड़ी हैं
क्या मांगा तूझसे, क्या दिया है दिया मुझे, जो वो मिला नहीं, बस दर्द मिला मुझको।
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दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए
लब पे' आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी, ज़िन्दगी शमा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी । दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए हर जगह मेरे चमकने से
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दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए
लब पे' आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी, ज़िन्दगी शमा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी । दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाए हर जगह मेरे चमकने से
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मेरी दिन भर की उदासी को समझ लेता है वो
ज़िन्दगी के फलसफ़े में अब न उलझाना मुझे ख़ुद समझ लेना तो उसके बाद समझाना मुझे मेरी दिन भर की उदासी को समझ लेता है वो शाम होते ही बुला लेता
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डूबते वक्त क़िसी का तो सहारा होता
डूबते वक्त क़िसी का तो सहारा होता कोई तिनका, कोई कश्ती या किनारा होता क्यों पसोपेश में रहते कि किधर जायें हम तेरी जानिब से अगर कोई इशा�
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घर की है नहीं फ़िक्र कि घर डूब रहा है
दुनिया की लिये ख़ैर-ख़बर डूब रहा है तय कर लिया सूरज ने सफ़र डूब रहा है हम मंदिरो-मस्जिद को बचाने में लगे हैं घर की है नहीं फ़िक्र कि घर डूब र
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अब रौशनी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह�
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