बह भी ना पाए, रह भी ना पाए
ए आंसू गम के, किसी को कह भी ना पाए
बहुत जुल्म किया मुझ पे
तरसाया बहुत
दुख दिए आंसू दिए
इससे आगे अब कुछ भी सह ना � read more >>
किया जो विश्वास तूने अपनों पर बस धोखा ही तो खाया है ,
फिर क्यों तू इतना इतराया है, इसने घर-घर को जलाया ,
रिश्तो ने दे कर दुहाई हर अपने को लू read more >>