आसू जो हैं,एक पानी का बूंद जो आंखो के पलको में बसी हुईं हैं
छलकते हैं ये आसू कभी खुशी के पलो में कभी दुखो के पलों मे,
आसू महज कहने को पानि read more >>
मां कहती थी तो सब सच लगता पता नहीं था मां को ऐसा क्यों लगता तेरे ही भरोसे छोड़ आए आंगन अपना मां कहती थी सब होगा अपने घर जैसा क्यों मां तुझ read more >>