कुछ करने की अब चाह नहीं .......
कुछ करना भी चाहु तो राह नहीं
जी करता है मर जाऊं
क्योकि जीने की आशा नहीं
तेरे प्यार ने रोका है
वर्ना अब कि� read more >>
निगाहो मे उनकी ,जहान कि व्यथा है।
पर वो खामोश है । देखो,.....
........पर वो खामोश है।
वो बस............?....
अपने ,दिल के दर्द को
आवाज़ नहीं देना चाहते । read more >>
अपनी कसमों, अपने वादों से
मुझे आजाद कर दे। ..
हाँ। ...मुझें....
मुझे....
नहीं तो फिर, ........
मुहोबत को मेरी
तु कोई नाम.... दे। ......
तेरे जीने � read more >>