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देश-प्रेम
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देश-प्रेम
अहसास ढलती उमर कब
कभी जो कंधे दुनिया उठाया करते थे, आज खुद सहारे की तलाश में रहते हैं। जो कदम बेफिक्र हवाओं में उड़ते थे, अब हर मोड़ पर ठहरने लगते हैं। आ�
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हिंदुस्तान
19। हिंदुस्तान हिंदुस्तान मेरी जान जिस्म का लहू तुझपे कुर्बान हिंदुस्तान मेरी जान तू तो है मेरी पहचान हिंदुस्तान मेरी जान दुनिय�
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गाँव – मेरी जड़ों की खुशबू
गाँव – मेरी जड़ों की खुशबू नंगे पाँव वो पगडंडी, अब भी रुला देती है, जहाँ बचपन ने कंचों की दुनिया रची थी। वो कच्चे मकान की मिट्टी, जो हाथ�
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गाँव – मेरा पहला प्यार
गाँव की गलियाँ, वो बचपन की बातें, माँ की ममता, दादी की सौगातें। बिलकुल कच्ची पर दिल से पक्की, वो मिट्टी की खुशबू, वो अमर बेल की लच्छी। त�
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गाँव – मेरी पहचान
वो मिट्टी की सौंधी ख़ुशबू, वो खेतों की राहें, जहाँ हर सुबह उम्मीदों की किरणें हैं चाहें। नदी के किनारे वो रेत की बिछौनी, जहाँ बचपन ने ल�
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गाँव की मिट्टी
गाँव की पगडंडियाँ, बचपन की राहें, माटी की ख़ुशबू, खेतों की बाहें। पलाश के पेड़ों की छाँव निराली, सरसों के फूलों की चूनर मतवाली। चौपाल
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ब्लैक डे
ब्लैक डे ब्लैक डे कैसा ब्लैक डे है हर कोई ब्लैक डे की डीपी लगाने में व्यस्त है ब्लैक डे उनका हुआ जिनकी जिंदगी वीरान हो गई, देश सेवा मे�
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मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंफसलें लहराती थीं जिस आंगन में कभी, अब वहाँ ईंट-पत्थर के महल खड़े हैं,दगी, गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है,
फसलें लहराती थीं जिस आंगन में कभी, अब वहाँ ईंट-पत्थर के महल खड़े हैं, गाँव की गलियाँ मुझे अब भी बुलाती हैं, पर मैं मजबूरी के बोझ तले पड़े
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मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंदगी, गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है,
"मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंदगी, गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है, शहर की रफ्तार में बहुत कुछ पाया मगर, जो अपनापन गाँव मे�
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भारत को भगवान मन लिया मैने।
क्यों लहू को अंगार लिखा है मैने। क्यों शब्दों को प्रहार लिखा है मैनें ॥ आखिर क्यों कलम की धार लगाई जाती है। आखिर क्यों गलियों मे गुहा�
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मैं क्या दूंगा इस मिट्टी को परिभाषा?
मैं क्या दूंगा इस मिट्टी को परिभाषा? किसको कह दूं तुम बनो देश की आशा ? अंधो बहरों देखो यह नया तमाशा । लो सुनो मेरे आजाद भगत की भाषा ।। सो
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राणा महज नहीं राणा संपूर्ण हिंदुस्तान है ।
संघर्ष के पर्यायवाची त्याग के उपमान हैं। राणा महज राणा नही सम्पूर्ण हिन्दुस्तान हैं। दिखती जहाँ पर क्रूरता राणा वहीं ललकारते। क्र�
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