वह वीर लड़ा, न तनिक डिगा,
सबको दिया, जो जिसके हिस्से है।
जो लिया वही जान गया,
ये अर्जुन सुत, वासुदेव का शिष्य है।
बाण मूठा का मूठा, झट रथ ट� read more >>
उम्र बीते जा रही है और
वो कहते हैं अभी वक़्त है
वक़्त है ,वक़्त है कहते कहते
वक़्त भी अपनी रफ़्तार पकड़ ली है
अहद - ए- शवाब भी फिसलती जा र� read more >>
(मुक्तक छंद)
01
जिन्दगी को मैंने इस कदर देखा जिन्दगी मुझ में डूब गई।
मेरी हर चाहत को पूरा करने के लिए मजबूर हो गई।
अब आलम यह है कि सारी दु� read more >>
प्रेम की भाषा सुन, सजनी रे,
बिंदिया चमक रही है आँखों में।
उठो, बसो नींद से हरियाली के पल,
संग गीतों के लहराते हैं तन में।।
सावन के बादल, � read more >>
तुम्हें चाह कर हम कहां खो गए
बता दो हमें हम कहां खो गए।
ना जागते , न सोते हैं हम
नींदों में भी अब तो रोते हैं हम।
डराती है रातें अंधेरी सी read more >>