(दोहा छंद)
नशा नाश का मूल है, इससे रहिए दूर।
मंशा पूरी हो सभी, खुशियों में हो चूर।।
नशा नाश का मूल है,इसको लगा न हाथ।
कर्म सदा अपना करें, � read more >>
सूरज की पहली रोशनी,
जब आती सीधी ..!
दिखाई देते,
मेरे घर के, सामने वाली खिड़की .!!
उस खिड़की से, अंगराई लेती हुई
बंद आंखें की हुई, सामने नजर आ� read more >>