जिंदगी के अंदर से, मुझे सजा दी गई, एक गुनाह का अरोप, जिसमे मैंने कभि कदम नहीं रखी।
तीन साल से बीता रहा हूं, ये कैद की तन्हाई, मेरे अंदर है ज� read more >>
उनकी याद जो आये तो नयन नीर वर्साय
कोई जलधर से जा के कहदो,
मेरे नयन नीर उनके घर भी बर्षा आएं।
ओ री पवन ठहर जरा,
मेरा ये संदेशा लेती जा।
सं� read more >>