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पुन्हा एक नविन दिवस पुन्हा एक नविन आशा घेतो परीक्षा प्रतेक क्षण नाही कळत परिणाम त्याचा हात जोडता रोज मंदिरी नाही भेटला शि read more >>
कविता -शबरी के बेर शबरी का वह बेर नही था सच्ची भक्ती प्रेम वही था ना छुआछूत ना जाति पात भाव भक्ति अनमोल वही था शबरी का संदेश यही � read more >>
⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳⛳🎉⛳🎉 कविता 💐स्वर्णिम किरण💐 #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह# ⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳🎉⛳⛳🎉⛳🎉 👌 नव वर्ष की स्वर्णिम किर� read more >>
I think again and again, this year has gone grief and pain, some good news came and some bed news came, I lost many lovely things in this year, I spent whole year in fear, I hope, A new year will bring some good news for me and my friends. I think again and again my all efforts have gone in vain, I lost many true friends, it gave me a great pain, read more >>
साल बदल गई आज तारिख बदल गई आज दिन बदल गई आज ना बदली वो आज के जमाने में भी रह के कुछ लोग की पुरानी सोच नहीं बदली read more >>
शुभ दीप जलें अम्बर में मंगलमय सारा संसार आशाओं के गीत सुनाता नव वर्ष आया है द्वार स्वर्ण रश्मियाँ बाँध लड़ी ऊषा प्राची द्वार खड़ी � read more >>
कभी कभी ये एहसास होता है मानो जैसे जिंदगी का हर एक लम्हा खास होता है किसी को कुछ पाने की चाह होती है तो किसी की जिंदगी इम्तहान लेती है read more >>
*कविता* *नया वर्ष सबका सुखमय हो* नये वर्ष का नया प्रभात लाया है ये नई सौगात नई उमंग और नई ऊर्जा सूरज लाया अपने साथ।। पक्षी भी स्वच्छंद read more >>
कविता- नव वर्ष तेरा अभिनन्दन! रचना- जितेन्द्र शर्मा। तिथी-01/01/2023 नव वर्ष तेरा स्वागत! तेरा अभिनन्दन! शान्ति का उद्घोष हो तेरा, प्रगति क read more >>
अनमोल रतन शरीर एक-सबब, आती-जाती सांसों की लहर। साज यहीं जीवन की इनायत, जिंदगी ईश्वर-कृपा-अनुग्रह। मोती- read more >>
गुजरे हुए पहरों की तसव्वुर, बसे हैं दिल में कहीं इस तरह। सहारा बना जीने का सफर, में डरता हूं कहीं टूट न जाए।। मोती- read more >>
1.बचपन के वो दिन बहुत याद आतें हैं तपती धूप में, नंगे पांव दौडना घास पर चल,सर पतों से ओढ़ना शरीर का झुलसना, पांव का तपना तपते घाव read more >>
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