[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
भीड़
सत्य, न्याय, नियम, भीड़ बाढ़ में बह जाते हैं। वही सत्य समझ जाता, जो मूढ़ मुंड कह जाते हैं। भीड़ के रेले से, संहत शजर ढह जाते हैं। भीड़ �
read more >>
अंतर्मन कुछ कहता है (3)
ज्ञात तुझे कब करना क्या, फिर कुछ और अभी क्यों करता है समय समक्ष सब कहता है, फिर निर्णय लेने से क्यों डरता है काटी कितनी जंजीरें हैं, फिर
read more >>
आप को मेहनत करनी ही होगी,
आप को मेहनत करनी ही होगी, तब ही जीवन में फसल मिलेगी। कुछ किए बिना कुछ नहीं मिलता, सिवाय पछतावे के कुछ नहीं टिकता। पापड़ तो बेलने ही पड�
read more >>
बारिश आई, खुशियाँ लाई
बारिश आई, खुशियाँ लाई, ठंडी बूँदें छत पर छाई। धरती ने ओढ़ा हरा कंबल, प्रकृति ने गाया मीठा ग़ज़ल। लोग निकले छतों पर गाने, मन के तार लगे
read more >>
पीड़ित स्त्री
संसार बड़ी ही सुंदर काया तरह-तरह के लोग यहां पर कुछ वैश्यी दरिन्दे भी रहते धूर्त नशे में वो रहते है। कर शोषण स्त्री का, उसके प्राणों
read more >>
स्त्री
संसार बड़ी ही सुंदर काया तरह-तरह के लोग यहां पर कुछ वैश्यी दरिन्दे भी रहते धूर्त नशे में वो रहते है। कर शोषण स्त्री का, उसके प्राणों
read more >>
दुआओं का फल
जितना आप दुआएं दोगे, उतनी ही दुआएं आप पाओगे। अभी समय है, मत गँवाओ, अच्छे कर्मों की राह अपनाओ। निंदा-चुगली से क्या होगा, समय का अपमान ही
read more >>
जैसी करनी वैसी भरनी
इज्जत दोगे, इज्जत पाओ, सम्मान से ही जग मुस्कराओ। जो दूसरों को दुत्कारते हो, तो वही लौट के तुम पर आए। मदद करोगे दिल से अगर, कंधे मिलेंगे
read more >>
जाति नहीं कुछ भी होती
ये जाति नहीं कुछ भी होती, ये जाति नहीं कुछ भी होती। क्यो लड़ते हो इसको लेकर, जाति नही कुछ भी होती भेदभाव को छोड़ो तुम, सबको आपस मे जोड़�
read more >>
सोने की अति
सोना, तू क्यों नहीं रहा सोया? कच्ची नींद जागकर, कहांँ से कहांँ गया? सोना, तू सपने में आता। हाथ नहीं आए, दूर भागता। जब -जब, तू जागा, ग़
read more >>
प्रकृति की सुंदरता
प्रकृति की गोद में हम रहते हैं, हरियाली और खुशबू से भरे हुए जीवन में। पेड़ों की शीतलता में हम आराम पाते हैं, पक्षियों की चहचहाहट से मन
read more >>
मुस्कुराओ तुम
सब कुछ अपने मर्ज़ी का ना हो, फिर भी मुस्कुराओ तुम। क्योंकि तुम खुशनसीब हो, तुम्हें फिर से जीवन मिला है। कितनी रातें बीती होंगी, कितने
read more >>
« Previous
Next »
Showing
493
to
504
of
6899
results
‹
1
2
...
39
40
41
42
43
44
45
...
574
575
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder