मित्रों!
वो सूरज से पहले उठता है,
धरती माँ के माथे का पसीना बनता है।
ना महलों का मालिक है,
ना दौलत का आशिक है,
फिर भी दुनिया का अन्नदाता � read more >>
क्या यह सच है
जो अपने होते हैं....!!
उन्हें ही कुछ भी बोल देना है....!!
अक्सर कुछ लोग दर्द देने के
बाद कहते हैं तुम अपने थें
इसलिए तुम्हें बो� read more >>