" तुम्हारे साथ बिताया हर लम्हा,
जैसे वक़्त को रोक देने का मन करता है…
तेरी बाहों में सुकून है,
तेरी आँखों में मेरा जहाँ… "
" ना कोई और ख्� read more >>
"प्रेम, समरसता और बंधुत्व"
1.
न हो द्वेष मन में, न बैर का रंग,
हर एक साँस में हो, प्रेम का एक संग।
भले ही अलग हो पहनावा, नाम,
पर सबके भीतर एक-स� read more >>
गर कायनात ने हमें मिलाया
तो जुदा क्यों हम हुए....??🥀
गर हमें दूर ही होना था
तो इतने करीब क्यों आए...??😔
गर बाद में दर्द ही मिलना था
तो पहले इ� read more >>