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झूठा राष्ट्रवाद ***************************💐💐💐💐💐💐💐💐*************************** देश की जनता परेशान है, छाया है घर -घर मे गम| देश मे एक अभियान चला, घर-घर झंडा फहराए हम | read more >>
बहुजन ************************ 💐💐💐💐💐💐💐💐 *************************** डर -डर कर तुम मत जिओ तुम ही तो बलवान हो, तुम्हारे पूर्वज बलशाली है| ऐसे वीरो की संतान हो || read more >>
कविता- मेरे मनमीत मेरे मनमीत हम दो दिल एक जॉन एक रंग में रंग कर चलते हम शान खेलते रहते थे बचपन में कई खेल चर्चा गली-गली, जन-जन पहचान शि read more >>
लेकर सरस्वती का वरदान 28सितम्बर1929 इंदौर में जन्मी एक नन्ही जान बचपन का नाम था हेमा आवाज में विराजे सरस्वती मां। गायकी के रूप में बनी � read more >>
हमको जिंदगी नही अब जवानी चाहिए इस बूढ़े बदन की अब दवाई चाहिए कैसे लिख दु तेरे इस बदन पे नाम मेरे नाम की मुझे एक लुगाई चाहिए इश्क करता � read more >>
मै सुंदर कविता लिखता हूँ मै सुंदर कविता पढ़ता हूँ ज्वला जैसी आग लिए अंदर सीतल जैसा रहता हूँ मै जात-पात और पाप को जीवन से दूर रखता हूँ मै � read more >>
पुष्पों का है नाज़ बढ़ा, छुकर मात्ता के चरणों को! आवाज़ धरा पर अमर रहा, ले मात् नाम उद्धरणों को!! है अचल चाह कि चल जो कामना, read more >>
अजीब - सी कशिश है,तुममें जो मैं तेरी ओर खींची चली आती हूं न चाहते हुए भी तेरे ही बारे में सोचती हूं एक नज़र देखने के लिए मेरी नजर बेकरार � read more >>
वक़्त ,की ,मुलाकात ,लिख रही हूँ,। किसी ,से ,अधूरा, रहा ,साथ लिख रही हूँ,। लिखावट,का तलबगार रहा कलम,। मैं तो बस अपना इक हाथ लिख रही हूँ,। कहीं read more >>
मै एक कहानी को कविता का रुप देकर लिख रही हूं। आशा करती हूं! आप सबको समझ आयेगी! सुनीता _ जल्दी जल्दी काम निपटा लो!          &nbs read more >>
तेल, नमक, लकड़ी, चीज याद रह गई तीन। जीता -जागता मनुष्य, बनके रह गया मशीन। खाना- पीना, उठना- बैठना, सबकी रेल- पेल। भौतिकता की चकाचौंध ने, बि� read more >>
*रक्षाबंधन* भैया रेशम के धागे का बंधन भूल न जाना रक्षाबंधन के दिन भैया बहिन को नहीं भुलाना। घर में रहकर बचपन मे हम कितनी धूम मचाते थ� read more >>
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