हाथ जोड़कर मत खड़े हो तुम,
मेहनत स्वयं कर लिया करो,
पैर बड़ों के छू लिया करो तुम,
सम्मान नारियों का किया करो,
आज किया तो कल भी करना,
सुबह � read more >>
कविता- मेरे बचपन की यादें
मेरे बचपन की यादों को, मैं फिर से याद करता हूं।
कुछ को भूल बैठा हूं, कुछ को फिर याद करता हूं।।
अपनी मां की गोद � read more >>