तुमने मुझे..खो दिया...
ठीक वैसे ही..जैसे 'बसंत' में
'पेड़'..खो देता हैं 'पत्तों' का साथ...
या वैसे..जैसे रह जाता है..
एक 'बूंद' तन्हा...'शाखों' पर
'ब� read more >>
हर बार ये दिल तुझसे हार जाता है, समझाऊ कितना भी न ये समझना जनता है
तेरी जो लगी लग गई है, ना ये तुझे भूलना चाहता है
बेकरारी दिल की बढ़ जाती read more >>