बारिश के बाद मिट्टी की ओ सौंधी- सौंधी खुशबू
मन को आनंद विभोर कर देती है
उसमें तितली , टिड्डो का झूम के नाचना
मेंढ़कों के टर - टर कर बारिश � read more >>
जहां आप, अपने रहकर भी हो लुप्त।
आप ही सुस्थ, बाक़ी सब सुस्त।
जिस शिखर पर आप, अपने बहुत पीछे छूट जाएं।
चाहकर भी आपका, नजरों से नाता टूट जा� read more >>
अच्छाई के पैर किनारा नहीं पाते,।मगर,
सदैव अमृत तक पहुँच जाते हैं,,।।
वक़्त के आगे भला किसका पहरा है,।
जो जिय, गया, मुस्कान के साथ,।मगर,
उस read more >>
हम वहां मिलेंगे......
जहां ना जाति बंधन होगा,
ऊंच- नीच का क्रंदन होगा,
होगी सब खुशहाली वहां पे,
सांपों से मुक्त चन्दन होगा।
हम वहां मिलेंग� read more >>