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दर्द सहने का जिग़र हम भी रखते है , न बहुत कुछ सही लेकिन कुछ न कुछ हुनर तो हम भी रखते है | read more >>
मैं गंगा हुँ , आदि युग से ही मुझे पवित्र माना जाता था | अदि युग से ही मुझे अमृत के सामान माना जाता था | अदि युग से मनुष्य अपने पापो को धोने read more >>
नफरत की फसल तुझको ! अब और न बोने देंगे !! इन हसीं वादियों को ! वीरां न होने देंगे !! तेरे नापाक मंसूबो को ! साकार न होने देंगे !! तेरी कठपुत� read more >>
वो तुम्हें धितकारते हैं ऐसे जैसे कि तुम काफिर हो कोई जैसे ये वतन तुम्हारा ना हो जैसे कि तुम मुहाज़िर हो कोई उन्हें नफरत है तुम्हारे र read more >>
इस दिवाली प्रण करें, नमन करें, मन का दीप ज्वलंत करें। सफाई और सादगी, दो दृढ़ हत्यार से, जीवन का सुरक्षा करें। तन सुरक्षित_मन सुरक्षित � read more >>
था मैं एक चित्र अधूरा मेरा तस्कार तू कोरा था ये जीवन मेरा इस पे लिखा किताब तू प्रेम की देवी प्यार की मूर्त प्रेम के जीवित मात्र प्र� read more >>
काल रूपी सयम से बक्त भी लाचार है समय के इस चक्र से हर कोई अंजान है जिस दिन बदल गया माहाकाल के स्थिरता चारो ओर विनाश होगा बस बचेंगा read more >>
प्रेम; मुहब्बत; आशिकी; चाहत; अनुराग, इश्क़, हुस्न,जवानी या फिर उफनती क्यारी क्या कहु प्यार की मूर्त अनुराग स्नेह, भक्ति, लगाव या फिर म� read more >>
इस रंग बदलती दुनिया को कई रंग बदलते देखा है कही तस्वीर तो तस्वीरों में ढलते देखा है कभी मंदिर तो कभी मस्जिद तो कभी टुटते तारो के आ� read more >>
अभिलाषा थी एक दिन तुझे पा सकू पर एशा हो न सका कुछ लम्होने भी संजोये थे यादें कुछ इकठा हमने भी किए थे सासें समय के तराजू प्यार के मोल थ read more >>
प्रियतम के विरह में, आंख न लग पाए जब मेरे नयनजल शेय्या पर टपकत जाए है अपने हृदय बूझना न पाऊं प्रियतम के विरह में आंख न लग पाए सांझ सबेर� read more >>
तेरे लिए जब भी बोलूं, मेरे लफ्ज़ कम पड़ जाते हैं बस इतना बोलूं तुझमें में देंखु, तुम मुझमें देखो। करू खुदा से इक मिन्नत जब भी आए तेरे दर read more >>
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