कर्मो का सब खेल है, वरना तो कोई भी नहीं फैल है।
नियति कब कर्म और कर्म कब भविष्य बन जाता है,ये इंसान जान ही नहीं पाता है।
अपने पे आए तो कर्� read more >>
मेरे आश में दूर कहीं,
एक दिया जल रहा है।
मेरे प्यार में दूर कहीं,
एक दिया जल रहा है।
मेरे दिल में,
एक मधुर गुंजन सा चमकता है।
उस दिए के प� read more >>
Title :- कोई नहीं तुम जैसा है
जीवन मंच है अभिनय का ,
तो किरदार कहां तुम जैसा है
जीवन रण है गौरव का
तो वीर कहां तुम जैसा है
जीवन दमखम है दंगल क read more >>
बोझ !!
लेकर दिल मे, दिमाग मे,चिंताओं का बोझ!
जी रहा ईसान यहाँ, मर मर कर हर रोज !!
नहीं है यहाँ इलाज इस बोझ का !
साथ रहेगा यह, काम है इसका रोज का read more >>
//...प्रेम-निवेदन...//
दिल में लगी है ,
आग मेरे
तुम सावन ,
बन जाओ ना...!
तन प्यासा है ,
है मन प्यासा
तुम प्रेम सुधा ,
बरसाओ ना...!
मंजिल से ,
मैं दू read more >>
ले जा बाबू ले जा, ले जा चाचा ताऊ।
यह दुनिया बाज़ार, यहां हर चीज़ बिकाऊ।
यदि जुलूस निकलता है, तो भीड़ बिकती है।
जनाज़े में, रोने वालों की � read more >>
श्री राम, लखन,सीता मैया संग ,
जब अपने घर आए ।
वह शुभ बेला,
खुशियां लायी,
जन जन ने दीप जलाए ।
जन जन ने दीप जलाए ।
दीपों से , श्रृष्टि हुई जा� read more >>