हारे बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिलाना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
बेटी, बहू, मां बन� read more >>
शायद हम पुराने हो गए है,
या रिश्ता पुराना हो गया है।
पहले जब रूठते थे तो वो मनाते थे हर बार,
पर अब छोड़ देते है वक़्त पर कि,
ठीक हो जाएगा स read more >>
T हमने तुम्हारे साथ, बस कुछ ही कदम, तो साथ साथ चले थे, और मैं तुम्हें जिंदगी भर के लिए अपना जीवनसाथी चुन लिया है, हमने तो अपने देश के लिए, बस read more >>
इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल-कपट की दुकान नहीं है।।
हड़पी हुई, जायदाद भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग- प� read more >>
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनकर घर-घर जाँए !
भि� read more >>