Ranjana sharma 30 Mar 2023 ग़ज़ल अन्य Google 51142 0 Hindi :: हिंदी
ओ बीते दिनों की बातें मुझे रुलाती है बार - बार
जाने कितना सताती है बार - बार
भूल कर भूला न पाती हूं बार - बार
एक बात दिल में रह - रहकर आती है बार - बार
ओ छोटी - सी गुड़िया आज कितनी बड़ी हो गई
एक नई डोर में बंध कर आ गई हूं
पर दिल में डर लगा रहता है बार - बार
कोई गलती न हो जाए मुझसे कहीं बार - बार
अनजाने से रिश्ते को अब अपनाना है बार - बार।
धन्यवाद